अनुलेखन की क्रियाविधी

Originally posted 2017-12-14 23:03:35.

Hello Biology Lovers, आज के हमारे ब्लॉग का शीर्षक है- अनुलेखन (Transcription in Hindi)



अनुलेखन (Transcription)



प्रोटीन के निर्माण के लिए

अतः DNA को टेम्पलेट (Templet) के रूप में उपयोग करके

नुलेखन (Transcription) की प्रक्रिया कोशिका के केंद्रक में होती है। यह प्रक्रिया कोशिका चक्र के G1 तथा G2 अवस्था में होती हैं।



अनुलेखन इकाई (Transcriptional Unit):-



DNA का वह खंड (Fragment)  जिसके अनुलेखन (Transcription) से केवल एक  

  1. प्रारंभन स्थल
  2. समापक स्थल
  3. संरचनात्मक जीन

प्रारंभन स्थल (Initation Site):-


DNA का वह क्षेत्र जहां से अनुलेखन (Transcription) की प्रक्रिया प्रारंभ होती है उसे प्रारंभन स्थल कहते हैं।

प्रारंभन स्थल के पहले प्रमोटर स्थल (Promotor)  होता है। प्रमोटर स्थल को उन्नायक भी कहा जाता है। इस स्थल में 20 से 200 के मध्य पाए जाने वाले हाइड्रोजन बंध को तोड़ने का कार्य करता है।

DNA का 3’-‘5’’ रज्जुक (strain) Template कि तरह काम करता है एवं 5’-‘3’’ दिशा में RNA का सश्लेषण होता हैं।

 

दीर्घीकरण(Elongation):

जब दोनों रज्जुक (strain)  अलग हो जाते हैं। तो आरएनए पोलीमरेज़ DNA के प्रतिअर्थ रज्जुक(Non coding/ template रज्जुक) का उपयोग करके NTP (nucleoside triphosphate) ( इनको राइबोन्यूक्लियोटाइड ट्राई फास्फेट भी कहते है) जोडकर एक पूरक आरएनए रज्जुक (strain)  का  संश्लेषण करता है।

राइबोन्यूक्लियोटाइड ट्राई फॉस्फेट निम्न प्रकार के होते है –

  1. यूरिडीनट्राईफॉस्फेट (UTP)
  2. ग्वानोसिनट्राईफॉस्फेट (GTP)
  3. साइटोसिनट्राईफॉस्फेट (CTP)
  4. एडिनिनट्राईफॉस्फेट (ATP)

आरएनए पोलीमरेज़ राइबोन्यूक्लियोटाइड ट्राई फॉस्फेट का उपयोग करके उनको मोनो फॉस्फेट के रूप में जोड़ता है।

आरएनए पोलीमरेज़ DNA पोलीमरेज़ की तरह भी केवल 5’-3’ दिशा में कार्य करता है अतः यह 5’-3’ दिशा में ही RNA का संश्लेषण कर सकता है।

केवल टेम्पलेट (Templet) रज्जुक जो कि 3’-5’ दिशा में होता है पर ही नए आरएनए का संश्लेषण होता है।

समापन (Termination):

आरएनए पोलीमरेज़ जब जीन के समापन क्षेत्र (terminator)तक पहुंचता है। तो समापन कारक Rho factor DNA के रज्जुक से जुडता है तथा DNA, RNA व RNA Polymerase को पृथक कर देता है। इस प्रकार एक नए आरएनए का निर्माण होता है।

E.coli में समापन की प्रक्रिया Rho factor की अनुपस्थिति में होती है जिसे Rho Independent Termination भी कहते है।

Transcription in Hindi 

 



आरएनए पोलीमरेज़ की संरचना:-



RNA पोलीमरेज़ में  कुल 5’ पॉलीपेप्टाइड  इकाइयां होती है।  जिनमें दो  α, एक β, एक β’ तथा  एक सिग्मा कारक ( σ Factor)  होता है।

RNAपोलीमरेज़ की चार पॉलीपेप्टाइड  इकाइयां से मिलकर मिलकर कोड  एंजाइम (Core Enzyme)  का निर्माण करती है।

इस एंजाइम के साथ सिग्मा कारक ( σ Factor) के जुड़ने से

आरएनएपोलीमरेज़- II

यह


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